Thursday, May 28, 2020

मजदूरों की हालत पर फ‍िर बोले गुलजार, 'कुछ ऐसे कारवां देखे हैं सैंतालिस में भी' https://ift.tt/2Ak66qE गुलजार (Gulzar) ने अपनी एक कविता 'बंटवारा' (Batwara) में वासी मजदूर (Migrating labours) की परेशानी और कोरोना के कहर को बयां किया है.

गुलजार (Gulzar) ने अपनी एक कविता 'बंटवारा' (Batwara) में वासी मजदूर (Migrating labours) की परेशानी और कोरोना के कहर को बयां किया है. https://ift.tt/2wvQ0YP

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