बहुत पहले किसी अर्थशास्त्री ने कहा था ‘भ्रष्टाचार, शरीर रूपी देश की धमनियों में बहने वाले खून की तरह है, रक्त प्रवाह बंद तो सब कुछ खत्म, पूरा सिस्टम पेरालाइज़्ड हो जाएगा.’ ये कथन आज भी उतना ही मौज़ूं है जितना वर्षों पहले था. भ्रष्टाचार के अलावा दो और शब्द ... https://ift.tt/2wvQ0YP
नेपोटिज्म और बालीवुड : सिक्के का दूसरा पहलू https://ift.tt/37Ydzcp बहुत पहले किसी अर्थशास्त्री ने कहा था ‘भ्रष्टाचार, शरीर रूपी देश की धमनियों में बहने वाले खून की तरह है, रक्त प्रवाह बंद तो सब कुछ खत्म, पूरा सिस्टम पेरालाइज़्ड हो जाएगा.’ ये कथन आज भी उतना ही मौज़ूं है जितना वर्षों पहले था. भ्रष्टाचार के अलावा दो और शब्द ...
बहुत पहले किसी अर्थशास्त्री ने कहा था ‘भ्रष्टाचार, शरीर रूपी देश की धमनियों में बहने वाले खून की तरह है, रक्त प्रवाह बंद तो सब कुछ खत्म, पूरा सिस्टम पेरालाइज़्ड हो जाएगा.’ ये कथन आज भी उतना ही मौज़ूं है जितना वर्षों पहले था. भ्रष्टाचार के अलावा दो और शब्द ... https://ift.tt/2wvQ0YP
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