Tuesday, August 17, 2021

संपूरण सिंह के गुलजार साहब बनने की कहानी...जो खा रहे हैं गालिब के नाम की पेंशन, दिलचस्प है किस्सा https://ift.tt/eA8V8J शायरी, कविता, किस्सागोई को शब्दों की चाशनी में घुली जबान में परोसने वाले गुलजार (Gulzar) के काम पर नजर डाले तो यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि कोई शख्स इतनी विधाओं में लगातार अपनी लेखनी का चमत्कार दिखा रहे हैं.

शायरी, कविता, किस्सागोई को शब्दों की चाशनी में घुली जबान में परोसने वाले गुलजार (Gulzar) के काम पर नजर डाले तो यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि कोई शख्स इतनी विधाओं में लगातार अपनी लेखनी का चमत्कार दिखा रहे हैं. https://ift.tt/3kWMZIN

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