महममद रफ न जब रत हए क थ रकरडग आख क समन आ गई थ बट 60 सल बद भ रल दत य गन https://ift.tt/PjuAnb1 बट-बट क जनम ह य शद-बयह फलम म जवन क हर रग दखन क मलत ह. हर दर म ऐस फलम गन बन ह ज शद-बयह म खब बजत ह. कछ ऐस सदबहर गन ह ज 60 सल क बद भ लग क आख क नम कर जत ह. आज बत एक ऐस ह गन क ज सल 1968 म पहल बर सनन क मल थ और आज भ उस गन त सन म क ह नह बबल क आख भ नम ह जत ह.
बेटा-बेटी का जन्म हो या शादी-ब्याह, फिल्मों में जीवन का हर रंग देखने को मिलते हैं. हर दौर में ऐसे फिल्मी गाने बने हैं, जो शादी-ब्याह में खूब बजते हैं. कुछ ऐसे सदाबाहर गाने हैं, जो 60 सालों के बाद भी लोगों की आंखों को नम कर जाते हैं. आज बात एक ऐसे ही गाने की जो साल 1968 में पहली बार सुनने को मिला था और आज भी उस गानों तो सुन मां का ही नहीं बाबुल की आंखें भी नम हो जाती हैं. https://ift.tt/nIsKHYm
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