माता-पिता बनाना चाहते थे डॉक्टर, फिल्मों के लिए छोड़ी पढ़ाई, फिल्ममेकर ने अपनी बेटी को बनाया 90s की टॉप हीरोइन https://ift.tt/fpeHdCO हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध निर्देशक रवि टंडन का जीवन संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानी है. आगरा में जन्मे रवि टंडन डॉक्टर बनने का सपना छोड़कर 1958 में फिल्मों में करियर बनाने के लिए मुंबई पहुंचे. शुरुआती दिनों में उन्होंने जूनियर आर्टिस्ट के रूप में काम किया, लेकिन अपनी मेहनत और लगन से वह सफल निर्देशक बने. ‘खेल खेल में’ समेत कई हिट फिल्मों ने उन्हें खास पहचान दिलाई. 2022 में उनके निधन के बाद भी उनकी फिल्में आज तक उनकी रचनात्मकता और सिनेमा के प्रति समर्पण की याद दिलाती हैं.
हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध निर्देशक रवि टंडन का जीवन संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानी है. आगरा में जन्मे रवि टंडन डॉक्टर बनने का सपना छोड़कर 1958 में फिल्मों में करियर बनाने के लिए मुंबई पहुंचे. शुरुआती दिनों में उन्होंने जूनियर आर्टिस्ट के रूप में काम किया, लेकिन अपनी मेहनत और लगन से वह सफल निर्देशक बने. ‘खेल खेल में’ समेत कई हिट फिल्मों ने उन्हें खास पहचान दिलाई. 2022 में उनके निधन के बाद भी उनकी फिल्में आज तक उनकी रचनात्मकता और सिनेमा के प्रति समर्पण की याद दिलाती हैं. https://ift.tt/cOqHxpl
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