Friday, February 20, 2026

जब हीरोइन पर लगा 'बदसूरत' का ठप्पा, ठुकरा दी 'मुगल-ए-आजम', टैलेंट के दम पर बनीं लीजेंड https://ift.tt/KwpZuOc मशहूर अभिनेत्री नूतन को शुरुआती दिनों में अपने रंग-रूप के कारण 'बदसूरत' होने के ताने सुनने पड़े थे, जिससे उनका आत्मविश्वास डगमगा गया था. यहां तक कि उन्होंने कम आत्मविश्वास के कारण 'मुगल-ए-आजम' में अनारकली का रोल भी ठुकरा दिया था. उनकी मां शोभना समर्थ ने उन्हें हौसला दिया और पढ़ाई के लिए विदेश भेजा, जहां से वे एक नई शख्सियत और आत्मविश्वास के साथ लौटीं. 1955 में फिल्म 'सीमा' से शानदार वापसी कर उन्होंने चार दशकों तक बॉलीवुड पर राज किया और साबित किया कि असली खूबसूरती इंसान के टैलेंट में होती है.

मशहूर अभिनेत्री नूतन को शुरुआती दिनों में अपने रंग-रूप के कारण 'बदसूरत' होने के ताने सुनने पड़े थे, जिससे उनका आत्मविश्वास डगमगा गया था. यहां तक कि उन्होंने कम आत्मविश्वास के कारण 'मुगल-ए-आजम' में अनारकली का रोल भी ठुकरा दिया था. उनकी मां शोभना समर्थ ने उन्हें हौसला दिया और पढ़ाई के लिए विदेश भेजा, जहां से वे एक नई शख्सियत और आत्मविश्वास के साथ लौटीं. 1955 में फिल्म 'सीमा' से शानदार वापसी कर उन्होंने चार दशकों तक बॉलीवुड पर राज किया और साबित किया कि असली खूबसूरती इंसान के टैलेंट में होती है. https://ift.tt/F7CeVAB

0 comments: