16 की उम्र में किया मन्ना डे संग काम, 60 साल से ज्यादा लंबा है करियर, कई हिट गाने गाकर बनाई अलग पहचान https://ift.tt/GAjwWSC मराठी संगीत और खासकर लावणी गायकी की बात हो और सुलोचना चव्हाण का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. अपनी दमदार आवाज और खास अंदाज से उन्होंने लावणी को नई पहचान दिलाई. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने संगीत की कोई औपचारिक पढ़ाई नहीं की थी. उन्होंने ग्रामोफोन रिकॉर्ड सुनकर ही गायन की बारीकियां सीखीं और अपनी मेहनत से खुद को एक बड़ी गायिका के रूप में स्थापित किया.
मराठी संगीत और खासकर लावणी गायकी की बात हो और सुलोचना चव्हाण का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. अपनी दमदार आवाज और खास अंदाज से उन्होंने लावणी को नई पहचान दिलाई. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने संगीत की कोई औपचारिक पढ़ाई नहीं की थी. उन्होंने ग्रामोफोन रिकॉर्ड सुनकर ही गायन की बारीकियां सीखीं और अपनी मेहनत से खुद को एक बड़ी गायिका के रूप में स्थापित किया. https://ift.tt/239c7QO
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